भाजपा के कई दावेदारों को टिकट नहीं मिलने पर अपनाए बागी तेवर मुश्किल में भाजपा सरकार ।

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपने दावेदारों की घोषणा कर दी है । ज्यादातर मौजूदा विधायकों का टिकट काटते हुए भाजपा ने नए चेहरों को मैदान में उतारा है । महासमुंद जिले की चार में से तीन विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा था, लेकिन भाजपा ने इस बार तीनों सीटिंग विधायकों का टिकट काटते हुए नये चेहरों पर दांव लगाया है । भाजपा की इन रणनीति के चलते सीटिंग विधायकों के बागी तेवरों ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी है ।

विधानसभा चुनाव को लेकर महासमुंद जिले की चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही है । पार्टी ने पहली लिस्ट में खल्लारी और तीसरी लिस्ट में महासमुंद के साथ-साथ बसना और सरायपाली के प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है । जिले की चार विस सीटों में से तीन पर भाजपा का कब्जा था, लेकिन इस बात तीनों सीटों पर पार्टी ने सीटिंग विधायकों को टिकट नहीं दिया है ।

महासमुंद से भाजपा ने पूर्व प्रत्याशी पूनम चंद्राकर को फिर से अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोती साहू को इस बार प्रबल उम्मीदवार माना जा रहा था. खल्लारी से मोनिका साहू को टिकट दिया गया है, जबकि सीटिंग एमएलएल चुन्नीलाल साहू, जनपद उपाध्यक्ष भेखलाल साहू, महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष अल्का चंद्राकर और पूर्व विधायक प्रीतम दीवान लाइन में थे.

बसना विधानसभा सीट से डीसी पटेल को भाजपा ने अपना प्रत्याशी चुना है, जबकि यहां मौजूदा विधायक रूपकुमारी के साथ-साथ क्रेडा अध्यक्ष पुरंदर मिश्रा और नगर पालिका अध्यक्ष संपत अग्रवाल दावेदारी कर रहे थे. यही माजरा सरायपाली विधानसभा सीट का है. यहां से श्याम तांडी को पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि मौजूदा विधायक रामलाल चौहान के साथ महिला मोर्चा से सरला कोसरिया प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे. इन्हीं कारणों के चलते अब भाजपा में टिकट नहीं पाने वाले दावेदार बागी तेवर अपना चुके हैं और महासमुंद में बीजेपी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं ।

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