सचिन पायलट और दो मंत्री बर्खास्त, प्रदेश अध्यक्ष पद भी छीना गया

राजस्थान के सियासी संकट के बीच डिप्टी सीएम सचिन पायलट को मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया है। और पीसीसी चीफ के पद से भी हटा दिया गया है। पायलट के साथ उनके समर्थक कैबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह और रमेश मीणा को भी मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया है। पायलट की जगह शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को पीसीसी का नया चीफ बनाया गया है।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सचिन पायलट को प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही मंत्री पद से हटाए जाने का ऐलान किया। सुरजेवाल ने कहा कि पायलट के साथ ही विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को भी मंत्री पद से हटाया जा रहा है। सुरजे वाला ने कहा कि कांग्रेस विधायक पायलट के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

राजस्थान में चल रहे सत्ता संघर्ष के बीच 13 जुलाई को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मोर्चा संभाला था। प्रियंका गांधी ने सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, दोनों ही नेताओं से बात कर इस संकट को खत्म करने की कोशिश की थी। लेकिन, प्रियंका गांधी भी सुलह करा पाने में असफल रहीं। सचिन पायलट का खेमा सत्ता के नेतृत्व परिवर्तन की मांग पर अड़ा रहा।

कांग्रेस विधायक दल की दूसरे दिन भी हुई बैठक में सचिन पायलट उनके समर्थक मंत्रियों तथा विधायकों के नहीं पहुंचने पर पार्टी ने कड़ा कदम उठाया है। पायलट आज भी मांगों पर अड़े रहे थे। इस घटनाक्रम के बाद अब बीजेपी पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। बीजेपी ने आगामी रणनीति बनाने के लिए बैठक शुरू कर दी है। वहीं दिल्ली में बैठकर लगातार सियासी घटनाक्रम पर नजर रख रहे पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर दिल्ली से रवाना जयपुर के लिए रवाना हो गए।

दूसरी तरफ पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद पीपी चौधरी ने कहा है कि राजस्थान में कांग्रेस की आपसी लड़ाई में अशोक गहलोत की सरकार अल्पमत में है। फ्लोर टेस्ट की मांग का फैसला पार्टी की केंद्रीय नेतृत्व लेगी। सचिन पायलट का खेमा भी फ्लोर टेस्ट की मांग कर चुका है। सचिन पायलट के बीजेपी में आने के सवाल पर कहा कि बीजेपी का दरबार सभी के लिए खुला है। सचिन पायलट अगर पर्याप्त विधायकों के साथ सरकार बनाने की कोशिश करते हैं तो बीजेपी नेतृत्व समर्थन देने पर विचार कर सकती है।

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