सुमित्रा महाजन ने कहा आतंक के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में दोहरा मापदंड न हो

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन इन दिनों रूस के दौरे पर हैं, उन्होंने वहां की संसद दूमा को संबोधित किया. अपने संबोधन में महाजन ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक और मजबूत साझेदारी का मुद्दा पुरज़ोर तरीके से उठाया. उन्होंने कहा कि आतंकवादी नेटवर्क को पूरी तरह तबाह करने और सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ को रोकने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा.

लोकसभा अध्यक्ष ने रूस की संसद को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष हम भारत और रूसी संघ के राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. महाजन ने अपने भाषण में भारत- रूस के बीच गहरी दोस्ती को एक संस्कृत श्लोक से परिभाषित किया जिसका अर्थ है- जो सुख, दुःख, अकाल, उपद्रव, युद्ध के समय, राजा के दरबार में और श्मशान में भी साथ देता है, वही सच्चा मित्र होता है. उनकी इस अभिव्यक्ति के बाद दूमा तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज गया. (पढ़ें- हिजबुल को केमिकल वेपन दे रहा पाकिस्तान)

भारतीय संसदीय शिष्टमंडल की अगुवाई कर रहीं महाजन ने कहा कि आतंकवाद ने वैश्विक स्वरूप ले लिया है. इसके बढ़ते खतरे से निपटने के लिए यह ज़रूरी है कि पूरी दुनिया बिना दोहरे मानदंड अपनाए इसे परास्त करने के लिए एकजुट हो जाए. स्टेट दूमा के स्पीकर वोलोदिन ने सुमित्रा महाजन से मुलाकात के दौरान अनंतनाग में हुए आतंकवादी हमले पर दूमा के डेपुटीज की ओर से संवेदना व्यक्त की.

लोकसभा अध्यक्ष ने इस बात का भी उल्लेख किया कि भारतीय अर्थव्यवस्था उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक तेजी से बढ़ रही है. भारत ने जीएसटी के रूप में सबसे बड़े आर्थिक सुधार को आरम्भ किया है. उन्होंने रूस-भारत संबंधो पर जोर देकर कहा कि दोनों देशों की एनर्जी ब्रिज बनाने की महत्वाकांक्षी योजना है. अंतरराष्ट्रीय नार्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसे नए क्षेत्र को खोलने, ग्रीन कॉरिडोर की स्थापना करने तथा दोनों देशों के बीच प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और जनता में आपसी मेलजोल को सुगम बनाने के लिए कार्यवाही को तेज करने की आवश्यकता है.

लोकसभा अध्यक्ष ने रूसी संसद के दौरे में इस बात पर खुशी जताई कि स्टेट दूमा में भारत संबंध संसदीय मैत्री समूह का गठन किया गया. साथ ही भारतीय संसद में भी इसी प्रकार के मैत्री समूह के गठन का ऐलान भी किया. उन्होंने इस बात का आह्वान किया कि रूसी संघ की राज्य विधानमंडलों, विधानसभाओं और भारत के राज्यों के बीच संसदीय सहयोग का और विस्तार करना चाहिए.

इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ने रूसी स्टेट दूमा के स्पीकर व्याचेस्लाव वोलोदिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. दोनों नेताओं ने भारत और रूस के सांसदों के बीच सहयोग बढ़ाने, युवा सांसदों को भारत में शुरू किए गए नए अध्यक्षीय शोध कदम के तहत संवाद करने के साथ साथ सतत संपर्क और समन्वय पर भी ज़ोर दिया.

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