मासूमो की मौत का जिम्मेदार कौन ? क्या यही है गुड गवर्नेंस मॉडल?

यूपी में गोरखपुर के बीआरडी हॉस्पिटल में 60 बच्चों समेत 63 लोगों की मौत हो गई। विवाद बढ़ने के बाद योगी सरकार ने शनिवार को सफाई दी। हेल्थ मिनिस्टर सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा- ”हमने जांच की है और हम इस निष्कर्ष पर आए हैं कि गैस सप्लाई बाधित होने से बच्चों की मौत नहीं हुई है। मामले में लापरवाही बरतने की वजह से कॉलेज के प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया है। दोषियों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।” उन्होंने माना कि हॉस्पिटल की रिपोर्ट के मुताबिक, 7 अगस्त से अलग-अलग बीमारियों की वजह से 60 बच्चों की मौत हुई। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर में हो हुआ वह गलत है। उधर, कांग्रेस, एसपी और बीएसपी समेत विपक्ष ने योगी से इस्तीफा मांगा है। मायावती ने कहा कि बीजेपी की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है।

”कंपनी की ओर से मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को 26 फरवरी से 18 जुलाई 2017 के बीच कुल 14 रिमाइंडर भेजे गए थे। इसमें 26, 28 फरवरी, 6, 12, 17 और 24 अप्रैल, 2, 16 और 29 मई, 3, 6, 13 और 28 जून और 18 जुलाई 2017 के बीच रिमाइंडर भेजे गए।”

– ”इन रिमाइंडर में कंपनी का 63,65,702 रुपए बकाया भुगतान करने की बात कही गई थी। इतने रिमाइंडर के बाद भी प्रिंसिपल की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद 30 जुलाई 2017 को कंपनी की ओर से लीगल नोटिस भेजा गया था। लीगल नोटिस में साफ तौर से लिखा गया था कि भुगतान न होने पर तीसरा पक्ष (आई नॉक्स) आपूर्ति जारी रखने में परेशानी खड़ी कर रहा है।”

4 अगस्त को आखि‍री बार भेजा गया टैंकर
कंपनी के वकील गुप्ता ने बताया- “जब हमारे नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया तब 1 अगस्त को कंपनी ने आखिरी चेतावनी दी थी। 4 अगस्त से मेडिकल कॉलेज को ऑक्सीजन की सप्लाई बंद कर दी गई।

इस पुरे घटनाक्रम ने मानवता को शर्मसार किया है और भाजपा के गुड़ गवर्नेंस की असलियत सामने लाकर रख दी है सवाल यु का यु ही है की ज़िम्मेदार कौन ?

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