क्या कर पाएंगे 2019 लोकसभा चुनाव के लिए शिवपाल सिंह यादव और राजा भैया?

उत्तर प्रदेश में बाहुबल की राजनीति करने वाले रघुराज प्रताप सिंह यानी राजा भैया एक बार फिर सियासत में अपना दम दिखाने जा रहे हैं । इस बार कुंडा के राजा अपनी नई पार्टी लेकर सामने आ रहे हैं । उधर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के साथ शिवपाल यादव पहले ही मैदान में कूद चुके हैं । पिछले दिनों बंगले को लेकर योगी सरकार की शिवपाल पर मेहरबानी पर तमाम कयास लगाए जा रहे हैं । हालांकि शिवपाल और राजा भैया की पार्टियां किस तरह लोकसभा चुनाव में अपना असर छोड़ेंगी, यह वक्‍त ही बताएगा.

शिवपाल और राजा भैया की पार्टियां किस तरह लोकसभा चुनाव में अपना असर छोड़ेंगी, इस सवाल पर यूपी कांग्रेस के प्रवक्ता हिलाल नकवी ने बताया कि इन दोनों नेताओं का एक विशेष क्षेत्र है, जहां से ये दोनों नेता चुनाव जीतते आएं हैं । राजा भैया प्रतापगढ़ के कुंडा और शिवपाल इटावा की जसवंतनगर सीट से चुनाव जीतते हैं । इन दोनों इलाकों को छोड़कर दोनों नेताओं का कोई खास असर नहीं है । उन्होंने बताया कि बीजेपी की हमेशा मंशा रहती है कि वो ज्यादा से ज्यादा वोटों का बंटवारा कर सके.

हिलाल नकवी ने बताया कि 2014 और 2017 के चुनाव में देखा गया कि हिन्दुस्तान की जनता ने एकतरफा वोट किया. दोनों ही चुनावों में बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला, इससे साफ है कि जनता हंग असेंबली नहीं चहती है । बीजेपी लाख कोशिश कर ले, लेकिन शिवपाल सिंह यादव और राजा भैया की पार्टियां 2019 के लोकसभा चुनाव में कोई खास असर नहीं डाल पाएंगी.

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